Ranchi: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की CID गिरफ्तारी को महज दिखावा बताया और सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
JSSC सिविल सेवा के अलावे कई परीक्षाओं में धांधली का आरोप
मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार ख्यांग्ते के मामले में भी बिना चार्जशीट दाखिल किए उन्हें डिफॉल्ट बेल दिलाकर मामला ठंडे बस्ते में डाल सकती है। उन्होंने विनय चौबे के मामले का भी जिक्र किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि छात्रों की मांग सिर्फ JPSC तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक JSSC की सहायक आचार्य, CGL, उत्पाद सिपाही और PGT जैसी परीक्षाओं में भी कथित धांधली के आरोप हैं। उन्होंने सरकार से इन मामलों में व्यापक कार्रवाई की मांग की।प्रभारी चेयरमैन IAS प्रशांत कुमार को तत्काल निलंबित करे सरकार
मरांडी ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में कार्रवाई करना चाहती है तो JPSC के तीनों सदस्यों के साथ JSSC-CGL परीक्षा के दौरान जिम्मेदार रहे तत्कालीन अधिकारियों नीरज सिन्हा और सुधीर गुप्ता के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी बताए गए विनोद की गिरफ्तारी की भी मांग की। Read More- JSSC-JPSC Protest: 9 दिनों से अनशन, फिर भी एंबुलेंस से कंधे पर आंदोलन में शामिल हुए देवेन्द्र नाथ महतो उन्होंने JSSC के प्रभारी चेयरमैन IAS प्रशांत कुमार को तत्काल निलंबित करने, FIR दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच CBI से कराने की मांग की। Read More- मुख्य सचिव से JPSC चेयरमैन और अब गिरफ्तारी तक-कौन है एल ख्यांग्तेयुवाओं की आवाज लाठी और आंसू गैस से दबाई नहीं जा सकती
मरांडी ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज लाठी और आंसू गैस से दबाई नहीं जा सकती। उन्होंने दावा किया कि JPSC-JSSC की निष्पक्ष CBI जांच की मांग को लेकर युवाओं का आंदोलन जारी रहेगा। Read More- थाइलैंड से नशे का कारोबार, रांची में हाइड्रोपोनिक गांजा दो तस्कर चढ़े पुलिस के हत्थे
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