मुख्य सचिव से JPSC चेयरमैन और अब गिरफ्तारी तक-कौन है एल ख्यांग्ते
1988 बैच के IAS अधिकारी एल. ख्यांग्ते झारखंड के मुख्य सचिव रह चुके हैं, फरवरी 2025 में JPSC के चेयरमैन बने; 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच CID ने किया गिरफ्तार।
Ranchi: राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच सीआईडी ने आयोग के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर और 2 करोड़ के लेनदेन के मामले में हुई है।
1988 बैच के IAS अधिकारी हैं ख्यांग्ते
जानकारी के लिए बता दें कि एल खियांग्ते एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने 1987 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। 1988 वे IAS अधिकारी बने। जिसके बाद उन्हें बिहार-झारखंड कैडर मिला था। इस दौरान उन्होंने तकरीबन 36 वर्षों तक सेवा दी। लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान वे कई महत्वपूर्ण पदों पर थे।
एल ख्यांग्ते झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव रह चुके हैं
इस दौरान खियांग्ते प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (ATI) के महानिदेशक बनाए गए थे। इसके साथ ही वे झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) जिम्मेदारी संभाली। सेवानिवृत्ति से ठीक पहले हेमंत सरकार ने उन्हें झारखंड मुख्य सचिव बनाया। फरवरी 2025 में उन्हें जेपीएससी का अध्यक्ष नियुक्त था।
फरवरी 2025 में JPSC चेयरमैन बने
जिसके बाद उन्हें JPSC का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। हालांकि उन्होंने 22 जुलाई 2026 को JPSC चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था। इस्तीफे के बाद CID ने उनसे कई दौर में पूछताछ की। जांच के सिलसिले में उनके आवास पर भी तलाशी ली गई थी। खियांग्ते ने कहा था कि उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए पद छोड़ा है।
आउटसोर्सिंग कंपनी की भूमिका भी जांच के दायरे में
14वीं सिविल सेवा परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर CID की जांच में आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL की भूमिका भी सामने आई है। जांच एजेंसी यह देख रही है कि परीक्षा संचालन और गोपनीय प्रक्रिया से जुड़े काम में कंपनी का चयन किस आधार पर हुआ और परीक्षा से संबंधित प्रक्रियाओं में कहीं अनियमितता तो नहीं हुई।
CID की कार्रवाई के दौरान JPSC कार्यालय और परीक्षा से जुड़े अन्य स्थानों पर दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले गए। इस मामले में JPSC की तत्कालीन डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन श्वेता गुप्ता समेत कई लोगों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।
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अभ्यर्थियों का आंदोलन भी तेज
परीक्षा विवाद को लेकर रांची में अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया, जिसके बाद कई प्रदर्शनकारी घायल होने की खबर है। आंदोलन के बीच नौ दिनों से अनशन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी एंबुलेंस से पहुंचे और स्ट्रेचर पर छात्रों के साथ विधानसभा मार्च में शामिल हुए।
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JPSC परीक्षा विवाद की जांच अब आयोग के शीर्ष स्तर तक पहुंची
खियांग्ते की गिरफ्तारी से JPSC परीक्षा विवाद की जांच अब आयोग के शीर्ष स्तर तक पहुंच गई है। हालांकि, गिरफ्तारी अपने आप में किसी आरोप के दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। अब CID की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित अनियमितताओं की पूरी कड़ी कहां तक जाती है और किसकी क्या भूमिका थी।
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