देवघर: श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए झारखंड के स्वास्थ्य, खाद्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी सोमवार को बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर पहुंचे। यहां उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेले के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
228 डॉक्टर और 400 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी रहेंगे तैनात
बैठक में देवघर, दुमका और जामताड़ा सहित श्रावणी मेला से जुड़े सभी जिलों की स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा की गई। मंत्री ने बताया कि मेले के दौरान 228 डॉक्टरों और 400 से अधिक पारा स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
इसके अलावा जिले के 41 स्वास्थ्य संस्थानों को 24 घंटे संचालित किया जाएगा। इनमें सदर अस्पताल, रेफरल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप-स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
देवघर सदर अस्पताल में 100 बेड तथा एम्स देवघर में 50 बेड विशेष रूप से श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ट्रॉमा, आईसीयू, ब्लड बैंक, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी और रेफरल सेवाओं को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने का निर्देश दिया गया।
105 किलोमीटर कांवरिया पथ पर मेडिकल कैंप
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 105 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ पर नियमित अंतराल पर मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं। यहां डॉक्टर, स्टाफ नर्स, एएनएम, फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल कर्मी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे।
हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, संक्रमण, सर्पदंश, चोट और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त दवाइयों, ऑक्सीजन, जीवनरक्षक इंजेक्शन, ORS और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्वास्थ्यकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा पर सख्ती, पेड़ा प्रसाद की होगी नियमित जांच
बैठक में खाद्य सुरक्षा को लेकर भी मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम के प्रसिद्ध पेड़ा प्रसाद सहित होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और स्ट्रीट वेंडरों द्वारा बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मिलावटी या नकली खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से कोई खिलवाड़ न हो।
पेयजल, शौचालय और बिजली व्यवस्था पर विशेष निगरानी
डॉ. इरफान अंसारी ने संबंधित विभागों को कांवरिया पथ पर स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, विश्राम स्थल, दाल-भात सेवा केंद्रों की गुणवत्ता, निर्बाध बिजली आपूर्ति और ट्रांसफार्मरों की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही खाद्य एवं जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाने और पेयजल व खाद्य सामग्री की नियमित जांच करने को कहा।
‘हर श्रद्धालु भगवान शिव का स्वरूप’
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा,
“बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाला हर श्रद्धालु हमारे लिए भगवान शिव का स्वरूप है। उसकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी श्रद्धालु को इलाज या सुविधा के अभाव में परेशानी नहीं होने दी जाएगी।”
उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को भी श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर ‘जीरो टॉलरेंस ऑन हेल्थ इमरजेंसी’
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशानुसार राज्य सरकार श्रावणी मेले के दौरान ‘जीरो टॉलरेंस ऑन हेल्थ इमरजेंसी‘ नीति पर काम कर रही है। लक्ष्य यह है कि किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य सेवाओं की कमी का सामना न करना पड़े और झारखंड की व्यवस्थाएं देश के लिए मिसाल बनें।
बैठक में देवघर विधायक सुरेश पासवान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा, डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, देवघर के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, संबंधित जिलों के सिविल सर्जन और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।









