Dhanbad: यदि आप शादीशुदा पुरुष हैं तो ज़रा सतर्क हो जाइए, और अगर आपकी शादी अभी नहीं हुई है, तो और भी समझदारी से कदम उठाने की जरूरत है। देश में वैवाहिक जीवन से जुड़े बढ़ते अपराधों और अप्रत्याशित हादसों के बीच अब धनबाद जिले के सिंदरी से एक ऐसा बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
सात समंदर पार जर्मनी की राजधानी बर्लिन में रह रहे सिंदरी के होनहार युवक तूफान मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पिता ने बहू पर अपने ही पति की साजिशन हत्या करने का गंभीर आरोप लगाकर मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
रविवार को गांधी सेवा सदन में परिजनों ने बुलाई प्रेसवार्ता
धनबाद जिले के सिंदरी थाना क्षेत्र अंतर्गत रांगामाटी (मकान नंबर RMK-4, 261) निवासी तपन मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को गांधी सेवा सदन में एक प्रेसवार्ता आयोजित की। प्रेसवार्ता में परिजनों ने विदेश मंत्रालय, भारत सरकार, जर्मन प्रशासन और धनबाद जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की।
12 सालों से बर्लिन में कार्यरत थे तूफान, पापा को बुलाने की चल रही थी तैयारी
मृतक के भाई आकाश कुमार मिश्रा (निवासी रांगामाटी, जयहिंद मोड़, सिंदरी) ने बताया कि उनके बड़े भैया तूफान मिश्रा पिछले 12 वर्षों से जर्मनी के बर्लिन में रह रहे थे और प्रसिद्ध लॉजिस्टिक्स कंपनी ‘DHL’ में कार्यरत थे। लगभग 7 वर्ष पूर्व उनका विवाह ओडिशा की रहने वाली सुवास्मिता मिश्रा के साथ हुआ था। दोनों का एक 8 महीने का मासूम बेटा भी है। सुवास्मिता फिलहाल एक साल के मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) पर घर पर ही थीं।
आकाश ने बताया कि तूफान पूरे परिवार की मुख्य जिम्मेदारी उठा रहे थे। वे पिछले चार महीनों से अपने पिता को भी जर्मनी बुलाने की तैयारी में जुटे थे। घटना से महज़ 10 दिन पहले तूफान की अपने भाई से बात हुई थी, जिसमें उन्होंने पिता के वीजा दस्तावेज़ तैयार कराने को कहा था। शनिवार को अंतिम बार बात करते हुए आकाश ने उन्हें बताया था कि सारे कागजात तैयार हैं।
5 जुलाई की शाम आया कॉल, 3 घंटे तक बंद रहा कमरा
आकाश के अनुसार, अगले ही दिन (रविवार, 5 जुलाई) बर्लिन से पिता के पास फोन आया कि तूफान कमरे का दरवाजा बंद करके बैठे हैं और गेट नहीं खोल रहे हैं। पिता ने बहू से तुरंत आसपास के लोगों और स्थानीय पुलिस को बुलाकर दरवाजा खोलने को कहा। परिजनों का आरोप है कि करीब तीन घंटे बीत जाने के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई।
जब परिजनों ने मायके पक्ष से संपर्क किया, तो बयान लगातार बदलते रहे। पहले कहा गया कि तूफान सीढ़ियों से गिर गए हैं और सिर पर गहरी चोट आई है। इसके तुरंत बाद खबर दी गई कि अस्पताल में उन्हें ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया गया है। परिजनों का कहना है कि इन विरोधाभासी बयानों ने हत्या के अंदेशे को गहरा कर दिया है।
फोन ब्लॉक और भाषा की आड़: मेडिकल रिपोर्ट छिपाने का आरोप
परिजनों का गंभीर आरोप है कि घटना के बाद जब उन्होंने बहू से दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया, तो उसने फोन ब्लॉक कर दिया। बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करने पर परिजनों को कहा गया कि वे रिपोर्ट के लिए बहू से बात करें। वहीं जर्मन पुलिस द्वारा भेजी गई सूचना स्थानीय भाषा में होने के कारण परिजन उसे समझ नहीं पा रहे हैं। आकाश ने कहा कि जब भी वे निष्पक्ष जानकारी मांगते हैं, तो बहू के परिजन ‘मानसिक स्थिति ठीक न होने’ का बहाना बनाकर बात टाल देते हैं। वीडियो कॉल पर केवल अस्पताल का दृश्य दिखाकर मनगढ़ंत कहानियाँ सुनाई जा रही हैं और परिवार को गुमराह किया जा रहा है।
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8 महीने के पोते की सुरक्षा को लेकर गहराया डर
पीड़ित पिता तपन मिश्रा और भाई आकाश ने गहरा अंदेशा जताया है कि जर्मनी में मौजूद उनका 8 महीने का पोता भी अब वहाँ सुरक्षित नहीं है। परिजनों ने भारत सरकार से अपील की है कि ‘चाइल्ड केयर सोसाइटी, जर्मनी’ या भारतीय दूतावास के माध्यम से मासूम बच्चे की सुरक्षा और कस्टडी तुरंत सुनिश्चित की जाए।
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सांसद, DC और विदेश मंत्रालय से न्याय की गुहार
इस संकट की घड़ी में पीड़ित परिवार ने स्थानीय सांसद, धनबाद के उपायुक्त तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से मुख्य रूप से मांगें रखी हैं कि मृतक तूफान मिश्रा के शव को शीघ्र अति शीघ्र सिंदरी लाने की कूटनीतिक व्यवस्था की जाए। बर्लिन प्रशासन व भारतीय दूतावास के समन्वय से मौत की निष्पक्ष व गहन जांच कराई जाए। जर्मनी में मौजूद 8 महीने के बच्चे की सुरक्षा और कस्टडी सुनिश्चित की जाए। फिलहाल, सिंदरी के रांगामाटी इलाके में इस घटना के बाद से शोक और आक्रोश का माहौल है। जिला प्रशासन और विदेश मंत्रालय इस आवेदन पर क्या कार्रवाई करता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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