Jharkhand: झारखंड के हजारीबाग जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। कटकमदाग थाना क्षेत्र में एक अर्द्धनिर्मित सेप्टिक टैंक में बनी जहरीली महुआ गैस की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। वहीं, इस हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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महुआ शराब निकालने उतरी महिला, बचाने में गई तीन जानें
मिली जानकारी के अनुसार, कटकमदाग में एक अर्द्धनिर्मित सेप्टिक टैंक का इस्तेमाल अवैध रूप से महुआ शराब छिपाकर रखने के लिए किया जाता था। लंबे समय तक शराब बंद रहने के कारण टैंक के भीतर खतरनाक और जहरीली गैस बन चुकी थी।
मंगलवार रात को सबसे पहले चमेली देवी टैंक के अंदर महुआ शराब निकालने के लिए उतरी थी। लेकिन टैंक में पैर रखते ही वह जहरीली गैस की चपेट में आ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
जब चमेली देवी काफी देर तक बाहर नहीं आई, तो उसे बचाने के लिए उसका बेटा रवि साव और चाचा मदन साव भी एक-एक कर टैंक में उतरे। दुर्भाग्य से, जहरीली गैस ने उन दोनों को भी अपनी चपेट में ले लिया और दोनों की तड़पकर मौत हो गई।
एक की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती
इन तीनों को टैंक में बेहोश और तड़पता देख परिवार का चौथा सदस्य आनंद साव उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ा। हालांकि, वह भी गैस के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत बाहर निकाला गया। फिलहाल आनंद साव का इलाज हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
मृतकों की पहचान चमेली देवी, रवि साव (बेटा) और मदन साव (चाचा) के रूप में हुई है।
Jharkhand: जांच में जुटी कटकमदाग थाना पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। गांव में अवैध रूप से महुआ शराब का निर्माण कौन कर रहा था और इस हादसे के पीछे मुख्य रूप से कौन जिम्मेदार है, इसे लेकर पुलिस की छापेमारी और तफ्तीश जारी है।








