मुख्यमंत्री के इस्तीफे और PT परीक्षा रद्द करने की मांग
प्रतुल शाहदेव ने JPSC परीक्षा विवाद को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि विवादित पीटी परीक्षा को तत्काल रद्द कर पूरे मामले की जांच CBI को सौंपने की अनुशंसा की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि सरकार के कार्यकाल में आयोजित कई भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का विश्वास कमजोर हुआ है।‘JPSC के सभी सदस्यों को हटाकर नई नियुक्ति हो’
BJP नेता ने कहा कि JPSC पर लगातार गंभीर आरोप लग रहे हैं। ऐसे में आयोग के मौजूदा सभी सदस्यों को हटाकर पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नए सदस्यों की नियुक्ति की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों को देखते हुए संस्थागत सुधार बेहद जरूरी हैं, ताकि भविष्य में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय बन सके।पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते की गिरफ्तारी की मांग
प्रतुल शाहदेव ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते की गिरफ्तारी की भी मांग की। उनका कहना है कि उनके खिलाफ गंभीर आरोप सामने आने के बावजूद अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रही हैं, जबकि शीर्ष पदों पर रहे अधिकारियों से प्रभावी पूछताछ नहीं की जा रही।‘परीक्षा परिणाम पर अकेले किए हस्ताक्षर’
BJP प्रवक्ता ने दावा किया कि तत्कालीन सहायक परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के स्थानांतरण के बाद भी उन्हें विधिवत कार्यमुक्त नहीं किया गया। इसके बावजूद पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते ने अकेले परीक्षा परिणाम पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में एक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी का चयन किया गया, जिसकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।निजी एजेंसियों की भूमिका पर उठाए सवाल
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (प्रक्रिया) नियमावली, 2002 तथा संविधान के अनुच्छेद 315, 316 और 320 के अनुसार परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र की गोपनीयता, मूल्यांकन, मेरिट सूची तैयार करना और अंतिम चयन जैसे महत्वपूर्ण कार्य आयोग की जिम्मेदारी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इन मूल जिम्मेदारियों में निजी एजेंसियों को हस्तक्षेप करने दिया गया है, तो यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि संवैधानिक व्यवस्था के साथ गंभीर खिलवाड़ है। ऐसे मामलों में केवल कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं मानी जा सकती।कांग्रेस पर भी साधा निशाना
प्रतुल शाहदेव ने JPSC विवाद को लेकर कांग्रेस पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं के मुद्दों पर सरकारों को घेरती है, वही झारखंड में इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने सवाल किया कि राज्य के लाखों अभ्यर्थियों से जुड़े इस मामले पर कांग्रेस नेतृत्व अपनी स्पष्ट राय क्यों नहीं रख रहा। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने की मांग की।JPSC विवाद पर सियासत तेज
JPSC परीक्षा विवाद को लेकर राज्य में राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर विपक्ष भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेर रहा है, वहीं सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा झारखंड की राजनीति के साथ-साथ लाखों अभ्यर्थियों के लिए भी अहम बना रह सकता है।
विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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