प्रधानमंत्री Narendra Modi अपने पांच देशों के दौरे के अंतिम चरण में मंगलवार को इटली की राजधानी Rome पहुंचे, जहां इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और इटली के रिश्तों को नई ऊंचाई देने का बड़ा संदेश दिया।
भारतीय और इतालवी मीडिया के लिए लिखे संयुक्त लेख में मोदी और मेलोनी ने कहा कि भारत और इटली के संबंध अब “एक निर्णायक मोड़” पर पहुंच चुके हैं। दोनों देशों की दोस्ती अब एक “विशेष रणनीतिक साझेदारी” में बदल रही है, जो लोकतंत्र, स्वतंत्रता और साझा भविष्य की सोच पर आधारित है।
21वीं सदी में समृद्धि और सुरक्षा दोनों जरूरी
दोनों नेताओं ने कहा कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत और इटली के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 21वीं सदी में वही देश आगे बढ़ेंगे, जो नवाचार, ऊर्जा परिवर्तन और रणनीतिक संप्रभुता को मजबूती देंगे।
मोदी और मेलोनी ने कहा कि दोनों देश अपनी पूरक ताकतों को जोड़कर नए आर्थिक और तकनीकी अवसर तैयार करना चाहते हैं। उन्होंने इसे सिर्फ आर्थिक साझेदारी नहीं बल्कि “मूल्य के सह-निर्माण” का मॉडल बताया।
2029 तक 20 अरब यूरो व्यापार का लक्ष्य
भारत और इटली ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस साझेदारी में रक्षा, एयरोस्पेस, स्वच्छ तकनीक, ऑटोमोबाइल पुर्जे, मशीनरी, रसायन, दवाएं, टेक्सटाइल, कृषि और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा।
दोनों नेताओं ने कहा कि यूरोपीय संघ और भारत के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता व्यापार और निवेश को नई गति देगा।
‘मेड इन इटली’ और ‘मेक इन इंडिया’ का नया तालमेल
संयुक्त लेख में कहा गया कि “मेड इन इटली” दुनिया में गुणवत्ता और उत्कृष्टता का प्रतीक रहा है, जबकि भारत की “मेक इन इंडिया” पहल वैश्विक निर्माण क्षेत्र में नई पहचान बना रही है।
इतालवी कंपनियों की भारत में बढ़ती दिलचस्पी और इटली में भारतीय उद्योगों की मजबूत होती मौजूदगी को दोनों देशों ने आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में बड़ा संकेत बताया। वर्तमान में दोनों देशों में 1,000 से अधिक कंपनियां सक्रिय हैं।
AI और डिजिटल सहयोग पर भी बड़ा जोर
Narendra Modi और Giorgia Meloni ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भी साझा दृष्टिकोण पेश किया। दोनों नेताओं ने कहा कि AI का विकास “मानव-केंद्रित” और जिम्मेदार तरीके से होना चाहिए।
भारत के ‘MANAV’ दृष्टिकोण और इटली की ‘Algor-Ethics’ नीति का उल्लेख करते हुए दोनों देशों ने कहा कि AI को सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाया जाएगा। साथ ही साइबर सुरक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी क्षमता निर्माण में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
भारत-इटली संबंधों को नई दिशा
विशेषज्ञों के अनुसार, Narendra Modi और मेलोनी की यह पहल सिर्फ आर्थिक साझेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यूरोप और एशिया के बीच रणनीतिक संतुलन को भी मजबूत कर सकती है। रक्षा, तकनीक और डिजिटल सहयोग के जरिए भारत और इटली आने वाले वर्षों में वैश्विक मंच पर एक मजबूत साझेदारी के रूप में उभर सकते हैं।









