Public Exam Bill से Treasury Scam तक BJP-Congress आमने-सामने
झारखंड में सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 और ट्रेजरी घोटाले को लेकर कांग्रेस-BJP आमने-सामने हैं। राकेश सिन्हा ने BJP पर पेपर लीक मामले में हमला बोला, वहीं प्रतुल शाहदेव ने ट्रेजरी घोटाले में सरकार पर अफसरों को बचाने का आरोप लगाया।
रांची: झारखंड की राजनीति में सोमवार को दो बड़े मुद्दों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। जहां कांग्रेस ने सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर भाजपा पर हमला बोला, वहीं भाजपा ने ट्रेजरी घोटाले को लेकर झारखंड सरकार को कठघरे में खड़ा किया। दोनों दलों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एक-दूसरे पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए।
सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर कांग्रेस का BJP पर हमला
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कानून युवाओं के हितों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि सरकार की विफलताओं को छिपाने का प्रयास है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में कई भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि अगर पहले से कानून मौजूद थे तो NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं कैसे हुईं।
राकेश सिन्हा ने कहा कि केवल नया कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करनी होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी होगी।
उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी को कानून में बदलाव से पहले अपने राजनीतिक रवैये में बदलाव करना चाहिए।
कांग्रेस के आरोपों पर BJP ने उठाया ट्रेजरी घोटाले का मुद्दा
दूसरी ओर भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड सरकार पर ट्रेजरी घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में हजारों करोड़ रुपये के सरकारी धन के हिसाब को लेकर सवाल खड़े हुए हैं और सरकार अपने करीबी अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि जांच प्रक्रिया में ऐसे अधिकारियों को शामिल किया गया, जिनके कार्यकाल के दौरान संबंधित जिलों में घोटाले हुए थे। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए।
“छोटी मछलियों पर कार्रवाई, बड़े लोगों को बचाने की कोशिश” – BJP
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि ट्रेजरी मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़ी जिम्मेदारी वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच नहीं हो रही है।
उन्होंने झारखंड वित्त नियमावली और कोषागार संहिता का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी धन की निकासी में डीडीओ और ट्रेजरी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होती है।
प्रतुल शाहदेव ने यह भी आरोप लगाया कि स्पेशल ऑडिट से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने में देरी की जा रही है और सरकार पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
एक तरफ पेपर लीक, दूसरी तरफ ट्रेजरी घोटाला; दोनों मुद्दों पर सियासी वार-पलटवार
झारखंड में इन दोनों मुद्दों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। कांग्रेस जहां परीक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को लेकर भाजपा पर हमला कर रही है, वहीं भाजपा ट्रेजरी घोटाले के जरिए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है।
हालांकि, दोनों ही दलों के आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इन मामलों में सरकार और विपक्ष के बीच यह टकराव किस दिशा में जाता है।
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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