हजारीबाग: बीते दिन झारखंड के मुख्यमंत्री श्री चंपाई सोरेन ने जिला ग्रामीण विकास समिति, हजारीबाग के सराहनीय कदम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह जानकर बहुत प्रसन्नता हुई कि जिला ग्रामीण विकास समिति हजारीबाग ने शिक्षा,रोजगार एवं कौशल विकास केंद्र की इकाई बिरसा पाठशाला को झारखंड राज्य के प्रत्येक प्रमंडल में स्थापित कर संचालित करने का सार्थक एवं सराहनीय निर्णय लिया है। माननीय मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र का विकास शिक्षा से संभव है। बीरसा पाठशाला के माध्यम विद्यार्थियों के उत्थान में मिल का पत्थर साबित होगा।
माननीय मुख्यमंत्री ने बिरसा पाठशाला के लिए जिला ग्रामीण विकास समिति की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए संस्था के उज्जवल भविष्य की कामना की। इस दौरान उन्होंने जिला ग्रामीण विकास समिति के सचिव श्री सुनील कुमार को शुभकामना पत्र देते हुए बधाई दिया।जि.ग्रा.वि.स.के सचिव सुनील कुमार एवं बिरसा पाठशाला उपनिदेशक श्री ओ.पी.शर्मा ने माननीय मुख्यमंत्री श्री चंपई सोरेन जी का सादर आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद दिया।
बिरसा पाठशाला के उपनिदेशक श्री ओ.पी.शर्मा ने एक्शन प्लान बताते हुए बताया कि झारखंड राज्य में सभी पांच प्रमंडलों में बिरसा पाठशाला खोलने एवं संचालन करने की योजना है। इस वर्ष सबसे पहले उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के मुख्यालय हजारीबाग में योजनाबद्ध तरीके से पाठशाला स्थापित कर संचालित करने का निर्णय लिया गया है,जिसका इनरोलमेंट फॉर्म दिनाँक 21 जून 2024 से सभी +2 उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होगा। यह इनरोलमेंट फॉर्म वह विद्यार्थी ही भर पाएंगे जो इंटरमीडिएट ने 60% अंक से उत्तीर्ण हुए है।सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापको के पास गूगल फॉर्म प्राप्त कर इनरोलमेंट फॉर्म भर सकते हैं।
बताते चलें कि झारखंड राज्य को बिहार से अलग हुए 24 वर्ष हो चुके हैं। हमारे झारखंड राज्य को प्रकृति ने अनेकों खनिज पदार्थों से नवाजा है। झारखंड में विकास की प्रबल संभावना है। कई कल कारखानें झारखंड में स्थापित हुए है लेकिन स्थानीय युवा अभी भी नौकरी व रोजगार के लिए अन्य राज्यों में पलायन कर जाते है, कारण यहां के युवाओं में जानकारी तथा रोजगारपरक शिक्षा का अभाव प्रमुख है। असीम संभावनाओ के बाद भी स्थानीय को रोजगार न मिल पाना बिडंबना है, इसी विरोधाभास को दूर करने के लिए संकल्प के साथ बिरसा पाठशाला झारखंड राज्य के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के सात जिलों हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, रामगढ़, बोकारो एवं धनबाद के युवक/युवतियों के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, कृषि वैज्ञानिक, उद्योग विभाग एवं भारत की उधम कंपनियों के उच्च स्तरीय पद से सेवानिवृत्त एवं निजी व्यवसाय के प्रमुख विशेषज्ञों के सामूहिक निदेशक मंडल के सहयोग से उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के मुख्यालय हजारीबाग में एक बेहतरीन केंपस तैयार किया जा रहा है।
हमारे झारखंड राज्य के प्रत्येक जिला से प्रतिवर्ष लगभग 3800 विद्यार्थियों देश के अन्य राज्यों में विशेष तकनीकी, कौशल विकास का प्रशिक्षण तथा अच्छी नौकरी के लिए उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त हेतु जाते है।इस भ्रांति को तोड़कर अपने ही राज्य में ही पंचायत स्तरीय सिलेक्शन कमिटी का गठन कर चयनित युवा/युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु बिरसा पाठशाला में उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए ताकि हमारे राज्य के मेधावी एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा युवा/ युवतियों को इसका लाभ मिल सके और पलायन को कम किया जा सके तथा रोजगार युक्त प्रदेश का निर्माण किया जा सके। इसी परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्यों के साथ बिरसा पाठशाला को विधार्थियों को सर्वसुलभ कराया जा रहा है।
इस पाठशाला में युवक/युवतियों को योजनाबद्ध तरीके से केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के उच्च स्तरीय से निम्न वर्ग के वैकेंसी के साथ-साथ भारत सरकार की उधम कंपनियों, कृषि विभाग, पशुपालन,उद्योग के क्षेत्र एवं स्वरोजगार इत्यादि में चयनित लक्ष्य को निर्धारित कर उन्हें उनके लक्ष्य की प्राप्ति में बिरसा पाठशाला मददगार साबित होगा। चयन प्रक्रिया से नियुक्ति प्रक्रिया तक योजनाबद्ध तरीके से उनका व्यक्तित्व का विकास कराना पाठशाला की पहली प्राथमिकता होगी।
क्या है चयन प्रक्रिया इसमें पंचायत स्तरीय सलेक्शन कमिटी की एक निगरानी टीम तैयार की गई है। बिरसा पाठशाला प्रबंधन ने बताया कि इंटरमीडिएट उत्तीर्ण विद्यार्थी को नामांकन के लिए इनरोलमेंट फॉर्म भरना आवश्यक होगा। तो आइए हम सब मिलकर इस अपने राज्य के युवाओं के बेहतर और उज्जवल भविष्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए इस एकल उद्देशीय कार्य को योजनाबद्ध तरीके से सफल बनाने में हमारा साथ दे।