बलौदाबाजार/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार भाटापारा जिले के लिये सोमवार दोपहर बाद को कथित तौर पर यहां सुनयोजित तरीके से असामाजिक तत्वों द्वारा कलेक्ट्रेट और एसपी दफ्तर में तोड़फोड़ व आगजनी की घटना को अंजाम देने की बात प्रशासनिक सूत्रों द्वारा कही जा रही है । रायपुर से आई एफएसएल की जांच टीम को प्रारंभिक सबूत के रूप में कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर पेट्रोल बम के निशान मिले हैं। साथ ही बड़ी संख्या में पत्थर मिले हैं।देर रात घटना का जायजा लेने पहुंचे गृहमंत्री समेत तीन मंत्री। इस दौरान गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा घटना की पूरी जांच होगी, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सीएम बोले- बर्दाश्त नहीं ऐसी घटनाएं
बलौदाबाजार जिले में सतनामी समाज के उग्र प्रदर्शन के बाद जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि बलौदाबाजार में पिछले 17 मई से चल रहा सतनामी समाज का प्रदर्शन सीबीआइ जांच की मांग को लेकर सोमवार शाम को उग्र हो गया।
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क्यों नाराज हैं सतनामी?
15 और 16 मई की रात को कुछ अज्ञात लोगों ने बलौदाबाजार जिले के गिरौदपुरी धाम में पवित्र अमर गुफा में स्थित ‘जैतखंभ’ में तोड़फोड़ की थी। जैतखाम छत्तीसगढ़ की बोली का शब्द है। जैत का अर्थ है विजय, खाम का अर्थ है – स्तंभ या खंभा। जैतखाम का अर्थ है विजय स्तंभ।जैतखाम मूलरूप से सतनामी समाज के ध्वज का नाम है। यह ध्वज उनके संप्रदाय का प्रतीक है. सतनामी समुदाय के लोग आमतौर पर गांव या मोहल्ले में किसी चबूतरे या प्रमुख स्थल पर खंभे में सफेद ध्वज लगाते हैं। छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा जैतखाम गिरौदपुरी में है जो कि 77 मीटर ऊंचा है।सतनामी समाज ने इसकी जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने की मांग की थी। घटना के विरोध में सतनामियों ने 10 जून को बलौदा बाजार में आंदोलन करने का निर्णय लिया था।
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200 से अधिक दोपहिया और करीब 50 चारपहिया वाहनों को फूंका
गिरौदपुरी के जैतखाम में तोड़फोड़ से आक्रोशित सतनामी समाज के हजारों लोग सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करने निकले थे। इस दौरान झूमाझटकी और पथराव भी हुई। जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर और एसपी कार्यालयों में आग लगा दी। पथराव किया, 200 से अधिक दोपहिया और करीब 50 चारपहिया वाहनों को फूंक दिया। इससे दोनों कार्यालयों में रखे अनेक महत्वपूर्ण दस्तावेज भी नष्ट हो गए।
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5000 से अधिक थे प्रदर्शनकारी
इस मामले में एसपी सदानंद कुमार ने कहा है कि समाज के पदाधिकारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आश्वासन दिया था। तीन से 4 हजार लोग आने की बात कही गई थी ।पर इससे ज्यादा 5 से 6 हजार लोग पहुंचे थे।एसपी ने बताया, पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था थी। 500 बल तैनात किए गए थे।उपद्रवियों ने बैरिकेड को तोड़कर सरकारी दफ्तरों में आग लगाई। प्रदर्शन के दौरान पथराव भी किया। जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। आगजनी से सैकड़ों गाड़ियां जलकर राख हो गई है। उन्होंने कहा, घटना का वीडियो हमारे पास है। इसके आधार पर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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इन सबके बीच रात्रि एक बजे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल सहित जनप्रतिनिधि कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और पूरी घटना का अवलोकन कर जानकारी ली।