हिरणपुर (पाकुड़)लिट्टीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत डुमरिया में आयोजित 50 वॉ ऐतिहासिक सिदो कान्हू सांस्कृतिक मेला का शुभारम्भ विधायक दिनेश मरांडी ने फीता काटकर किया। इसके बाद विधायक सहित एगलिना टुडू आदि ने वीर शहीद सिदो कान्हू के प्रतिमा पर पुष्पसुमन अर्पित कर नमन किया। इसके पूर्व विधायक के आगमन पर आयोजक कमिटी द्वारा आदिवासी पारम्परिक रूप से स्वागत किया गया। मेले को लेकर आयोजक कमिटी के द्वारा भव्य रूप से सजाया गया था। जहाँ पूरा मेला प्रांगण झामुमो की झंडे से पटा हुआ था । सुबह से ही मेले में काफी भीड़ देखी गई। वही लागड़े इनएच , दसाई दोन , डोम ढोल सहित कई दल आदिवासी पारम्परिक पोशाकों में नृत्य मंडलियों को मेला मैदान में अपने अपने प्रस्तुति करते देखा गया।
इस मेले में वीरभूम बंगाल के दो आदिवासी लागड़े इनएच दलों की भी उपस्थिति देखी गई। टीम में शामिल कलाकार मानिक किस्कु , लखीराम हांसदा , लुखी हांसदा , होपनी सोरेन आदि ने बताया कि हमे सूचना मिली कि डुमरिया में भव्य रूप से आदिवासी सांस्कृतिक मेला का आयोजन हो रहा है। इसलिए हमलोग अपने कला की प्रस्तुति को लेकर आ गए है। इसके साथ ही ग्राम प्रधानों को सम्मानित भी किया गया। उधर मेला प्रांगण में काफी संख्या में दुकानें सजी हुई थी। मेला प्रांगण में भव्य रूप से आतिशबाजी भी हुई। जहाँ अंग्रेज प्रशासक लार्ड हैडिंग्स की आदमकद पुतले की बध की गई। विधायक ने स्वंय तीर चलाकर तीरंदाजी प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया। इसके अलावे देरशाम संथाली के ख्याति गायक स्टेफन टुडू व टीना हेम्ब्रम के द्वारा आदिवासी गीत की प्रस्तुति की जाएगी व आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम है।
विधायक ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि झारखण्ड के कद्दावर नेता , झामुमो के संस्थापक सदस्य दिवंगत साइमन मरांडी ने इस मेले का शुभारम्भ वर्षो पूर्व किये थे। आदिवासी संस्कृति को बचाये रखने के लिए यह मेला का आयोजन वर्षो से होते आ रहा है।झामुमो नेत्री दिवंगत सुशीला हांसदा की स्मृति भी इस मेले से जुड़ी हुई है। जो देश की पहली आदिवासी निर्वाचित विधायक बनी थी । वही विधायक पत्नी एगलिना टुडू ने अपने सम्बोधन में बताई की सभी को शिक्षा हासिल करना आवश्यक है। शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास होगी । इसलिए अपने अपने बच्चों को आवश्यक विद्यालय से जोड़े ।इस मौके पर ग्राम प्रधान जेठा हांसदा , मांझी मुर्मू , विलियम तुरी , भीम मरांडी , बाबूजी मरांडी , सुरीन हांसदा आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।