–हर्षोल्लास और अकीदत से मनाई गई ईद, मस्जिदों और ईदगाहों में अदा की गई नमाज
–समाज में बदलाव लाना है तो शिक्षा को बनाएं ढाल: शहादत हुसैन
कोडरमा। मुस्लिम धर्मावलंबियों का सबसे प्रमुख त्यौहार ईद-उल-फितर जिले में हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवस्थित मस्जिदों और ईदगाहों में सोमवार की सुबह पूरी अकीदत के साथ सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की गई और देश में अमन, शांति और भाईचारगी की दुआ मांगी गई। वहीं जिला मुख्यालय स्थित जलवाबाद ईदगाह में मौलाना शहादत हुसैन, बेलाल मस्जिद में हाफिज शफीक, मक्का मस्जिद में हाफिज अल्ताफ के नेतृत्व में ईद उल फितर की नमाज सामुहिक रूप से अदा कराई गई।
वहीं नमाज के उपरांत सभी लोग एक दूसरे से गले मिल कर ईद की मुबारकबाद दी, इस दौरान ईदगाह में मौजूद मुस्लिम धर्मावलंबियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए मौलाना शहादत हुसैन ने ईद के महत्व पर जानकारी देते हुए कहा कि ईद अल्लाह का रमजान के रोजे के बाद एक तोहफा है। वहीं उन्होंने कहा कि इस्लाम में इल्म (शिक्षा) हासिल करना फर्ज करार दिया गया है, परन्तु वर्तमान समय में हम शिक्षा में पिछड़ गए है, जिसके कारण हम सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे है। वहीं उन्होंने लोगों से कम खाने परन्तु अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा जरूर देने की अपील करते हुए कहा कि यदि समाज मे बदलाव लाना चाहते हैं तो शिक्षा को ढाल बनाये, यही वह ढाल है जिससे लोगों के दिलों पर राज किया जा सकता है। उन्होंने हर मुस्लिम मुहल्ले में तालीम बेदारी कमिटी बनाने की जरूरत बताते हुए कहा कि इससे बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सकेगी और वे तालीम हासिल कर देश, समाज और अपने परिवार का नाम रौशन कर सकता है।
मौके पर साजिद हुसैन लल्लू, कारी खैरुलवारा, मो. जावेद, फैज वारसी, हाजी परवेज, कासिम रजा, मो. तबरेज, हाजी हकीम, मनान खान, फारूक, राजू खान, महताब, मो. बदरुद्दीन, मो. सफीक आलम, हाजी गुलाम जिलानी, अधिवक्ता अनवर हुसैन, मो. चांद, अजीम आदि मौजूद थे।
देर शाम तक चला ईद मुबारकबाद का सिलसिला, सुरक्षा व्यवस्था चाक चैबंद
ईद के सामूहिक नमाज के बाद मुस्लिम धर्मावलंबियों ने अपने परिजनों, नाते रिश्तेदारों और मित्रों के मीठी सेवइयां और लजीज व्यंजनों का लुफ्त उठाया। वहीं आस पड़ोस के लोग एक दूसरे के घरों में जाकर ईद की शुभकामनाएं दी, जो शाम तक जारी रहा, इधर ईद को लेकर जिले के विभिन्न चैक चैराहों, मस्जिदों, ईदगाहों में सुरक्षा व्यवस्था चाक चैबंद दिखा।