मरकच्चो (कोडरमा)। इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। इंसान को इंसान की भलाई का ही कार्य करना चाहिए। ईद का पर्व हिंदू-मुस्लिम एकता की मिशाल पेश करता है। ईद पर हर शख्स एक-दूसरे को जो मुबारकबाद देता है। वह इस बात का सबूत है कि हम धर्म के साथ अपने वतन से भी प्यार करें और अच्छे इंसान बनें।
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, यह सब अलग-अलग धर्म हैं, लेकिन इसके पहले हम सब भारतीय है। यदि हम सब मिलकर रहेंगे तो दुनिया की कोई ताकत हमें तोड़ नहीं सकती। उक्त बातें प्रखण्ड मुख्यालय स्थित जामा मस्जिद के इमाम कारी अमन रजा नूरी ने ईद के दौरान तकरीर में समाजजनों के बीच कही। वहीं उन्होंने कहा कि ईद रोजा रखने वालों को खुदा की तरफ से दिया गया तोहफा है। सब आपस में भाईचारा बनाकर रखें और देश के प्रति वफादार रहें।
इस मौके पर हाजी बशीर आलम, हाजी रजाक अली, मो. नूर आलम, डाॅ. अंसार आलम, मो. अहरार आलम, कमल हसन दानिश, सलीम शेख, कयूम शेख, मो. जावेद खान, मो. शाकिब महमूद, मो. शमशाद आलम, मो. इमरान आलम, शाकिर अली, मुंशी आलम, साहिल शेख, मकबूल मियां, आजाद शेख समेत सैकड़ो लोग मौजूद थे।