रांची: रांची में बीजेपी नेता अनिल टाइगर की हत्या के बाद झारखंड में तनाव बना हुआ है. बीजेपी ने झारखंड बंद का आह्वान किया है, जिसका असर सड़कों पर दिख रहा है. पुलिस ने एक आरोपी रोहित वर्मा को गिरफ्तार किया है और दूसरे आरोपी की जानकारी मिली है. बीजेपी ने राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.
50 से ज्यादा हिरासत में
झारखंड बंद के दौरान बीजेपी धुर्वा मंडल के अध्यक्ष उमेश यादव और वरिष्ठ भाजपा नेता कामेश्वर सिंह पुलिस हिरासत में लिये गये हैं. दूसरी तरफ रांची पुलिस ने एहतियातन प्रतुल शाहदेव और भैरव सिंह जैसे कई भाजपा नेताओं को हिरासत में ले लिया है. वहीं, राजधानी विभिन्न इलाकों से प्रदर्शन कर रहे 50 से ज्यादा भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. अब हिरासत में रखे नेताओं से मिलने के लिए नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबू लाल मरांडी पहुंचे हैं.
बूटी मोड़, पिठोरियो, पिस्का मोड़, रातू रोड, कांके चौक समेत कई प्रमुख इलाकों की सड़कों को जाम कर दिया गया है. बीजेपी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर राज्य की विधि व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं. गुरुवार सुबह से ही विपक्ष के नेता सभी प्रमुख चौक चौराहों की दुकानों को बंद कराने में लगे थे. सुबह 9 बजते बजते राजधानी में बंद का व्यापक असर दिखने लगा था.

केंद्रीय रक्षा राज मंत्री संजय सेठ ने किया प्रदर्शन
केंद्रीय रक्षा राज मंत्री संजय सेठ रांची में बिगड़ती कानून व्यवस्था एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल टाइगर की हत्या के विरोध में पिस्का मोड़ में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ धरना पर बैठे.

बंद का असर, हर तरफ प्रदर्शन
अनिल टाइगर की हत्या के खिलाफ बुलाए गए बन्द का राजधानी रांची के लगभग सभी इलाकों में व्यापक असर दिख रहा है. रांची के शहर और ग्रामीण दोनों ही इलाकों में सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ता और भाजपा के बड़े नेता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

भाजपा के कई नेता अपने-अपने क्षेत्र में बंद को सफल बनाने के लिए सुबह से ही सड़क पर उतरे हुए हैं. सबसे ज्यादा बन्द का असर रांची के कांके इलाके में नजर आ रहा है. कांके इलाके में ही बुधवार की शाम अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या की गई थी. हत्या के विरोध में बुधवार की सुबह से ही कांके चौक को पूरी तरह से जाम कर दिया गया है. जगह-जगह पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया जा रहा है.

स्कूल और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद
रांची बंद को लेकर रांची के लगभग सभी स्कूल बुधवार को बंद है. व्यापारिक प्रतिष्ठान, छोटे दुकान, बाजार और हाट भी बंद है. रांची के अरगोड़ा, किशोर गंज, बरियातू ओरमांझी, बेड़ो ,धुर्वा ,खलारी ,कांके रातू ,रातू रोड ,बूटी मोड़ पर भाजपा कार्यकर्ता सड़क जमकर प्रदर्शन करते नजर आए हैं.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 1 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती
रांची बंद को लेकर पुलिस प्रशासन ने विशेष इंतजाम किये हैं. 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है. वहीं, विधि-व्यवस्था के लिए चार प्रशिक्षु डीएसपी सहित 12 डीएसपी और थाना प्रभारी समेत दो दर्जन से इंस्पेक्ट की तैनाती की गयी है. हर पॉइंट पर सुरक्षा का विशेष इंतजाम किया गया है. चौक‐चौराहे पर ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के माध्यम से बंद समर्थकों पर नजर रखी जा रही .
डीआईजी सह एसससपी चंदन सिन्हा ने कहा कि पूर्व की बंदी की तरह इस बंदी में भी जिला पुलिस और प्रशासन के लोग मुस्तैद रहेंगे. सीसीटीवी के कंट्रोल रूम में अधिकारी मौजूद रहेंगे, जो गड़बड़ी फैलाने वालों को चिन्हित कर उसका फुटेज रखेंगे. बंद को लेकर रैप, जैप, इको, जैप की महिला बटालियन, वज्र वाहन, रंगीन पानी का टैंकर, आश्रु गैस और फायर ब्रिगेड की तैनाती की गयी है.
अनिल टाइगर का इतिहास
अनिल महतो टाइगर, जो भाजपा के नेता और पूर्व जिला परिषद सदस्य थे, अनिल टाइगर लंबे समय से राजनीति में सक्रिय थे. भाजपा में आने से पहले वे आजसू में थे और कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके थे. दो दिन पहले ही उन्हें पांचवीं बार कांके महावीर मंडल का अध्यक्ष चुना गया था.सोमवार को वरीय संरक्षक टीके सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में महावीर मंडल का पुनर्गठन किया गया था.
अनिल टाइगर की हत्या
जानकारी के अनुसार, अनिल टाइगर होटल में एक युवक के साथ बातचीत कर रहे थे. वह युवक वहां 20-25 मिनट तक रहा। उसके जाने के बाद टाइगर अपना मोबाइल देखने लगे। तभी बाइक सवार दो अपराधी वहां पहुंचे और पीछे से टाइगर के सिर में गोली मार दी और भाग गए। गोली लगने के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने अनिल टाइगर को उठाया और तुरंत रिम्स ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।